भावी योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के विकास हेतु दिशा-निर्देश प्रदान करना है। आगामी 20 वर्षों अर्थात् 2012-13 से 2030-31 की अवधि के लिए यह योजना तैयार की गई है, जिसमें 10 वर्ष के पश्चात इसकी समीक्षा का प्रावधान है। विकास संबंधी प्रस्ताव स्थल की आवश्यकताओं, आगंतुकों की प्रकृति, जल एवं विद्युत की उपलब्धता, वनस्पति, जलवायु परिस्थितियों तथा प्रबंधन के पास उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। कार्ययोजना तैयार करते समय केंद्रीय प्राणी उद्यान प्राधिकरण (CZA), विभिन्न संस्थानों तथा आंतरिक योजना समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखा गया है।
परिप्रेक्ष्य योजना
अगले दस वर्षों के लिए राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की भावी योजनाएँ
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के लिए 2012 से 2031 तक का स्वीकृत मास्टर प्लान उपलब्ध है।
प्राणी उद्यान में भविष्य में 254 प्रजातियों के लगभग 2,000 पशुओं को रखने का लक्ष्य है... प्राणी उद्यान में वर्तमान में लगभग 99 प्रजातियों के 1,200 पशुओं की तुलना में भविष्य में 254 प्रजातियों के लगभग 2,000 पशुओं को रखने का लक्ष्य है।और पढ़ें
वर्तमान के 39 बाड़ों/आवासों का उन्नयन किया जाएगा, 30 नए बाड़े...
वर्तमान के 39 बाड़ों/आवासों का उन्नयन किया जाएगा, 30 नए बाड़े/आवास विकसित किए जाएंगे तथा 33 मौजूदा बाड़ों/आवासों को हटाया जाएगा। और पढ़ें
तितली उद्यान, एक्वेरियम, वर्षावन, प्राइमेट पार्क जैसी विशेष पशु सुविधाएँ...
तितली उद्यान, एक्वेरियम, वर्षावन, प्राइमेट पार्क, मरुस्थलीय ट्रेल, कीटालय, आगंतुक केंद्र तथा निशाचर पशु गृह जैसी विशेष पशु सुविधाओं को विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। और पढ़ें
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में निम्नलिखित सुविधाएँ भी होंगी
एकतरफा आवागमन व्यवस्था।
पैदल आगंतुकों के लिए पृथक प्रवेश द्वार।
आगंतुक वाहनों एवं सेवा वाहनों का स्पष्ट पृथक्करण।
लगभग 65% क्षेत्र को वन क्षेत्र एवं जल निकायों के अंतर्गत लाया जाएगा।
मार्ग एवं दिशा-निर्देशन की सरल व्यवस्था।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया आगंतुक केंद्र।
सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सतही जल निकासी का व्यापक उन्नयन...सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सतही जल निकासी, विद्युत आपूर्ति, आगंतुक सुविधाओं तथा नए आवासीय भवनों का व्यापक उन्नयन। और पढ़ें
मास्टर प्लान में पशुओं की देखभाल की गुणवत्ता, पशु प्रदर्शनी, संरक्षण शिक्षा... मास्टर प्लान में पशुओं की देखभाल की गुणवत्ता, पशु प्रदर्शनी, संरक्षण शिक्षा तथा सतत प्रबंधन प्रक्रियाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। और पढ़ें
संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम को अधिक वैज्ञानिक तरीके से पुनर्गठित किया गया है।
अस्पताल के बुनियादी ढाँचे एवं मानव संसाधन के पूर्ण उन्नयन की योजना है।
संरक्षण शिक्षा के क्षेत्र में नए कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में अनुसंधान हेतु सुविधाएँ एवं मंच उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए बाढ़ न्यूनीकरण उपायों को संशोधित योजना में सम्मिलित किया गया है।
नई सीवेज, सिंचाई, जल निकासी एवं विद्युत योजनाएँ प्रस्तावित हैं।
आपदा प्रबंधन योजना प्रस्तावित है।
वर्तमान आवासीय क्वार्टरों के स्थान पर नए आवासीय भवन प्रस्तावित हैं।
संभावित घटनाओं/आपात स्थितियों से निपटने के लिए आकस्मिक योजना में आवश्यक प्रतिक्रिया उपायों को सम्मिलित किया गया है।
पशु संग्रहण योजना
केंद्रीय प्राणी उद्यान प्राधिकरण (CZA) द्वारा राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को बड़े प्राणी उद्यान (Large Zoo) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। CZA के दिशा-निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में पशुओं की प्रदर्शनी स्थानीय आवास, जलवायु परिस्थितियों तथा उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित अनुपात में करने का लक्ष्य है:
| स्थानीय क्षेत्र/पारिस्थितिकी तंत्र की प्रजातियाँ |
प्रदर्शित कुल प्रजातियों का 30% |
| क्षेत्र की प्रजातियाँ |
प्रदर्शित कुल प्रजातियों का 30% |
| देश की प्रजातियाँ |
प्रदर्शित प्रजातियों का 30% |
| चयनित विदेशी प्रजातियाँ |
प्रदर्शित प्रजातियों का 10% |
आवश्यक प्रजातियों की उपलब्धता, प्रदर्शनी क्षेत्र तथा संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण उपर्युक्त अनुपात का पूर्णतः पालन करना कठिन है। तथापि, पशु संग्रहण योजना में इस अनुपात के यथासंभव निकट पहुँचने के प्रयास किए जाते हैं।
वर्तमान स्थिति
क्र. सं.
|
पशु वर्ग
|
भारतीय प्रजातियों की संख्या
|
विदेशी प्रजातियों की संख्या
|
कुल
|
| 1. |
स्तनधारी |
33 |
8 |
41 |
| 2. |
पक्षी |
28 |
17 |
45 |
| 3. |
सरीसृप |
12 |
01 |
13 |
|
कुल |
73 |
26 |
99 |
भावी स्थिति
क्र. सं.
|
पशु वर्ग
|
भारतीय प्रजातियों की संख्या
|
विदेशी प्रजातियों की संख्या
|
कुल
|
| 1. |
स्तनधारी |
47 |
15 |
62 |
| 2. |
पक्षी |
81 |
21 |
102 |
| 3. |
सरीसृप |
14 |
01 |
15 |
| 4. |
उभयचर |
09 |
00 |
09 |
| 5. |
मछलियाँ |
17 |
00 |
17 |
| 6. |
कीट |
49 |
00 |
49 |
|
कुल |
217 |
37 |
254 |
प्रदर्शनी की विषय-वस्तु
प्राणी उद्यान के भीतर आगंतुकों की यात्रा को निम्नलिखित विषयगत क्षेत्रों के अंतर्गत व्यवस्थित किया जाएगा
- उड़ान रहित पक्षियों की दुनिया
- इनडोर प्रदर्शनी — सरीसृप गृह, कीटालय एवं निशाचर पशु गृह
- तीतर ट्रेल
- सिंह ट्रेल
- प्रायद्वीपीय भारत
- एक्वेरियम
- वर्षावन — वॉक-इन एवियरी
- शिकारी पक्षी
- पक्षी ट्रेल
- अफ्रीकाना
- हिमालय की तलहटी
- प्राइमेट पार्क
- मरुस्थलीय ट्रेल — वॉक
- तितली उद्यान
- एक्सोटिका
वर्ष 2018-19 की गतिविधियाँ
- सूचनात्मक एवं शैक्षिक प्रदर्शनी तैयार करने हेतु Centre for Environment Education, Ahmedabad को कार्य सौंपा जा रहा है।
-
निम्नलिखित कार्यों के लिए विस्तृत डिजाइन, BOQ (मात्रा एवं लागत विवरण) तैयार करना तथा वैधानिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना और निर्माण कार्य:
- वर्षावन — वॉक-इन एवियरी
- तितली उद्यान
- निशाचर पशु गृह
- आगंतुक केंद्र
- अस्पताल विस्तार
- प्राइमेट पार्क
- मरुस्थलीय ट्रेल
- विद्युत प्रणाली — विद्युत वितरण एवं PCL नियंत्रण
- नया नियंत्रण कक्ष, कनिष्ठ अभियंता कार्यालय एवं इंटरकॉम प्रणाली
-
निम्नलिखित कार्यों के लिए विस्तृत डिजाइन, BOQ (मात्रा एवं लागत विवरण) तैयार करना तथा वैधानिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना और निर्माण कार्य:
तितली उद्यान
- मौजूदा वॉक-इन एवियरी को आंतरिक स्तर पर तितली उद्यान में परिवर्तित किया जाएगा।
- प्राकृतिक स्थलाकृति का उपयोग करते हुए किनारों पर सीढ़ीनुमा पुष्प क्यारियाँ तथा एक बड़े जल निकाय का निर्माण किया जाएगा।
- अधिक आर्द्र क्षेत्र तैयार करने के लिए एक छोटे फव्वारे का निर्माण किया जाएगा तथा जल निकाय का विस्तार 5,336 वर्ग मीटर तक किया जाएगा।
- किनारों पर मुक्त रूप से पुष्पित पौधों की क्यारियाँ विकसित की जाएँगी तथा स्टेनलेस स्टील (SS) पोल के सहारे महीन PVC जाल लगाया जाएगा।
- तितलियों के आश्रय, शीतनिद्रा, प्रजनन एवं पालन-पोषण हेतु 3–4 नम गुफाएँ विकसित की जाएँगी।