शिक्षा अनुभाग का उद्देश्य चिड़ियाघर की स्थापना के पीछे की मूल आवश्यकता को पूरा करना है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों तथा उनसे संबंधित विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूकता और जानकारी प्रदान करना है। इसलिए मूल रूप से इसे निम्नलिखित कार्य करने होते हैं:
इस प्रकार यह ब्रोशर, मानचित्र आदि के प्रकाशन, व्याख्यानों एवं कार्यशालाओं के आयोजन, सहभागितापूर्ण गतिविधियों के लिए मंच प्रदान करने, अभियांत्रिकी अनुभाग को संकेत-पट्ट (साइनएज) संबंधी जानकारी देने तथा सूचना केंद्रों के रख-रखाव में संलग्न है।
चिड़ियाघर प्रबंधन के एक उद्देश्य को पूरा करने हेतु, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (NZP) निरंतर संरक्षण शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, ताकि लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके और उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जा सके, निम्नलिखित तरीकों से:
मास्टर प्लान के अनुसार विभिन्न दिवसों एवं आयोजनों का उत्सव मनाना, साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के कार्यक्रमों का आयोजन करना।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान का एक उद्देश्य आगंतुकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करना है। उन्हें वन्यजीव, उनके आवास और जल संरक्षण के उद्देश्य के समर्थन एवं योगदान के लिए प्रेरित करना तथा निष्क्रिय मनोरंजन के अवसर प्रदान करना।
दुनिया भर से लाखों लोग चिड़ियाघर का दौरा करते हैं। वे चिड़ियाघर इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें किसी न किसी रूप में पशुओं में रुचि होती है। चिड़ियाघर के आगंतुक अनौपचारिक शिक्षा के लिए लक्षित दर्शक समूह बनाते हैं। हालांकि, छात्रों को मुख्य लक्षित समूह माना जा सकता है। इसके अतिरिक्त, अन्य लक्षित समूहों तक भी आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से पहुँचा जा सकता है। चिड़ियाघर शिक्षा एक समग्र अनुशासन है, जो चिड़ियाघर के आगंतुकों, कर्मचारियों और व्यापक समुदाय को लक्षित करता है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में 17 लाख आगंतुक आते हैं, जो विभिन्न शैक्षिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से होते हैं। वे सभी आयु वर्गों से संबंधित होते हैं। किसी भी कार्यदिवस पर 3000 से 4000 आगंतुक चिड़ियाघर आते हैं और सप्ताहांत पर यह संख्या बढ़कर 15 से 20 हजार तक हो जाती है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, वे औसतन दो से तीन घंटे पार्क में बिताते हैं। NZP में 125 प्रजातियों के लगभग 5591 वृक्ष हैं।
NZP विविध और बड़ी संख्या में आने वाले आगंतुकों को विभिन्न तरीकों से अनौपचारिक शिक्षा प्रदान कर सकता है, और इसका विवरण अनुमोदित मास्टर प्लान में दर्शाया गया है, साथ ही हम 2017-18 से इनका आयोजन कर रहे हैं।
यह आवश्यक है कि शैक्षिक एवं जागरूकता कार्यक्रम पूरे वर्ष निरंतर चलते रहें। इस उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों के आयोजन हेतु एक चिड़ियाघर कार्यक्रम कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसका विवरण निम्न तालिका में दिया गया है:
क्र. सं. |
तिथि |
कार्यक्रम |
विवरण |
| 1. | 14–30 जनवरी | पशु कल्याण पखवाड़ा | भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने इस पखवाड़े को पशु कल्याण पखवाड़ा घोषित किया है। चिड़ियाघर कर्मचारियों, पशु चिकित्सक, निदेशक, क्यूरेटर एवं अन्य विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं प्रस्तुतियों का आयोजन कर स्कूल एवं कॉलेज समूहों को इस पखवाड़े के उद्देश्य के प्रति जागरूक किया जा सकता है। |
| 2. | 12 जनवरी | राष्ट्रीय युवा दिवस | इस सप्ताह के दौरान “ज़ू वालंटियर्स” या “यूथ क्लब” जैसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जा सकते हैं। स्वयंसेवकों को चिड़ियाघर की गतिविधियों के बारे में ओरिएंटेशन दिया जा सकता है तथा उनके जुड़ाव के तरीके निर्धारित किए जा सकते हैं। |
| 3. | 2 फरवरी | विश्व आर्द्रभूमि दिवस | इसी दिन ‘आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन’ पर हस्ताक्षर किए गए थे। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में पाँच आर्द्रभूमियाँ हैं, जिनमें विभिन्न प्रजातियाँ निवास करती हैं। निर्धारित समूहों के लिए चिड़ियाघर की आर्द्रभूमियों का भ्रमण आयोजित कर आर्द्रभूमि एवं उसमें रहने वाले जीवों के महत्व पर चर्चा की जा सकती है। इस विषय पर एक लघु फिल्म भी दिखाई जा सकती है तथा स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की जा सकती है। |
| 4. | 3 मार्च | विश्व वन्यजीव दिवस | युवाओं में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए वन्यजीव संरक्षण हेतु रैली, संकल्प/शपथ तथा स्कूल/कॉलेज के छात्र समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। |
| 5. | 20 मार्च | विश्व गौरैया दिवस | युवाओं में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए वन्यजीव संरक्षण हेतु रैली, संकल्प/शपथ तथा स्कूल/कॉलेज के छात्र समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। |
| 6. | 21 मार्च | विश्व वानिकी दिवस | इस दिन हमारे जीवन में वनों के महत्व पर चर्चा की जा सकती है तथा विभिन्न वन पारिस्थितिकी तंत्रों पर फिल्म भी दिखाई जा सकती है। |
| 7. | 22 मार्च | विश्व जल दिवस | जल सभी जीवों के लिए जीवनरेखा है और इसका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। आगंतुकों तथा स्कूल/कॉलेज के छात्र समूहों को लक्षित किया जा सकता है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की जल प्रबंधन योजना पर चर्चा कर उसे दिखाया जा सकता है। चिड़ियाघर में हाथी या बाघ आदि को स्नान के लिए कितने जल की आवश्यकता होती है, इस पर भी प्रकाश डाला जा सकता है। |
| 8. | 23 मार्च | विश्व मौसम विज्ञान दिवस | मौसम विज्ञान विभाग मौसम एवं जलवायु का पूर्वानुमान करता है। मौसम के अनुसार चिड़ियाघर के पशुओं की सुरक्षा तथा प्रजातियों के व्यवहार पर भी चर्चा की जा सकती है। |
| 9. | 7 अप्रैल | विश्व स्वास्थ्य दिवस | चिड़ियाघर कर्मचारियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जा सकती है। पशुओं को ज़ू कीपर (मनुष्य) से तथा मनुष्यों को पशुओं से रोग कैसे लगते हैं, यह चर्चा का एक विषय हो सकता है। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक मुख्य वक्ता हो सकते हैं। |
| 10. | 18 अप्रैल | विश्व धरोहर दिवस | युवाओं में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए वन्यजीव संरक्षण हेतु रैली, संकल्प/शपथ तथा स्कूल/कॉलेज के छात्र समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। |
| 11. | 23 अप्रैल | पृथ्वी दिवस | युवाओं में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए वन्यजीव संरक्षण हेतु रैली, संकल्प/शपथ तथा स्कूल/कॉलेज के छात्र समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। |
| 12. | 22 मई | अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस | राष्ट्रीय प्राणी उद्यान जैव विविधता का एक जीवंत प्रदर्शन है। चिड़ियाघर में जीवन रूपों की विविधता व्याख्यान का आधार बन सकती है। आगंतुकों के लिए इन विषयों पर व्याख्यान एवं फिल्म की व्यवस्था की जा सकती है। |
| 13. | 5 जून | विश्व पर्यावरण दिवस | विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को बाड़ों के समग्र पर्यावरण में सुधार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल पशु बाड़ों का, बल्कि पूरे चिड़ियाघर का पर्यावरण बेहतर होगा। |
| 14. | जून का पहला सप्ताह | अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक सप्ताह | स्वयंसेवक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है तथा नए स्वयंसेवकों का पंजीकरण भी किया जा सकता है। |
| 15. | 18 जून | अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक दिवस | पोस्टरों एवं फिल्म प्रदर्शन के माध्यम से आगंतुकों को बताया जाना चाहिए कि चिड़ियाघर केवल पिकनिक स्थल नहीं है, अतः उन्हें भोजन या अन्य खाद्य पदार्थ साथ नहीं लाने चाहिए। |
| 16. | 21 जून | अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस | योग के माध्यम से स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाता है। |
| 17. | जुलाई का पहला सप्ताह | वन महोत्सव | राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में पौधारोपण के लिए पर्याप्त क्षेत्र है। इस अवसर पर बाड़ों के भीतर एवं आसपास तथा सड़कों के किनारे अधिक से अधिक पौधे (स्थानीय प्रजातियाँ) लगाए जाने चाहिए। इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को भी शामिल किया जा सकता है। |
| 18. | 29 जुलाई | अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस | इस दिवस को मनाकर विशेष रूप से युवाओं में व्यापक जागरूकता उत्पन्न की जाती है। |
| 19. | 6 अगस्त | मित्रता दिवस | स्वयंसेवकों को शामिल कर “Friends of NZP” योजना प्रारंभ की जा सकती है। चिड़ियाघर के ये मित्र उद्यान की विभिन्न जागरूकता एवं अन्य गतिविधियों में सहायता करेंगे। |
| 20. | रक्षाबंधन | 7 अगस्त | स्कूली छात्र समूहों द्वारा उद्यान में पशुओं के मॉडलों तथा विभिन्न पौधों को राखी बाँधी जाती है, जिससे जैव विविधता संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता उत्पन्न होती है। |
| 21. | अगस्त का दूसरा या तीसरा सप्ताह | रक्षाबंधन पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को मनुष्य, पशुओं एवं पौधों के बीच के बंधन का संदेश देने के लिए पौधा-पशु थीम वाली ‘राखियाँ’ तैयार कर जनता में वितरित करनी चाहिए। इस आयोजन में स्कूली बच्चों को भी शामिल किया जा सकता है। | |
| 22. | स्वतंत्रता दिवस | 15 अगस्त | स्वच्छता अभियान का आयोजन किया जाता है। |
| 23. | 17 सितंबर | विश्व पर्यटन दिवस | इस अवसर पर टूर ऑपरेटरों को शामिल किया जा सकता है। टिकटों में रियायत, निःशुल्क ज़ू गाइड, चिड़ियाघर प्राधिकारियों से संवाद, आरक्षित ट्रॉली तथा रेस्तरां में भोजन जैसे आकर्षक पैकेज देकर उनसे अपने यात्रा कार्यक्रम में चिड़ियाघर भ्रमण शामिल करने का अनुरोध किया जाना चाहिए। |
| 24. | हरित दीवाली उत्सव | पटाखों के बिना दीवाली मनाने हेतु अभियान चलाया जाता है तथा पौधारोपण भी किया जाता है। | |
| 25. | अक्टूबर का पहला सोमवार | विश्व आवास दिवस | मुख्य उद्देश्य चिड़ियाघर के पशुओं के बाड़ों के आवास में सुधार करना होना चाहिए। आवास के महत्व, उसके क्षरण के कारणों तथा उसके संरक्षण में आम जनता की भूमिका पर व्याख्यान आयोजित किया जा सकता है। |
| 26. | अक्टूबर का पहला सप्ताह | वन्यजीव सप्ताह | देश के अन्य चिड़ियाघरों की तरह राष्ट्रीय प्राणी उद्यान भी स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कर “वन्यजीव सप्ताह” मनाता है। इस प्रकार की गतिविधियाँ जारी रहनी चाहिए तथा बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाना चाहिए। |
| 27. | 16 अक्टूबर | विश्व खाद्य दिवस | आगंतुकों को जीवों के लिए भोजन के महत्व के बारे में बताया जाना चाहिए। चिड़ियाघर विभिन्न खाद्य सामग्री कैसे प्राप्त करता है तथा किसी विशेष प्रजाति को कितना और किस प्रकार का भोजन चाहिए, इस पर चर्चा की जा सकती है। |
| 28. | 1 नवम्बर | स्थापना दिवस | कर्मचारियों के बीच प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। |
| 29. | 14 नवम्बर | बाल दिवस | इस दिन राष्ट्रीय प्राणी उद्यान बच्चों के लिए ‘मेरे सपनों का चिड़ियाघर’ या ‘सबसे आकर्षक पशु’ विषय पर प्रतियोगिता आयोजित कर सकता है। बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाए। |
| 30. | दिसंबर का पहला सप्ताह | ज़ू सप्ताह — राष्ट्रीय प्राणी उद्यान अपने कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए ओरिएंटेशन पाठ्यक्रम आयोजित कर सकता है। चिड़ियाघर प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर फिल्में दिखाई जा सकती हैं तथा चिड़ियाघर स्वच्छता अभियान चलाया जा सकता है। |
इन सभी कार्यक्रमों की योजना शिक्षा अनुभाग द्वारा स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों (NGO), स्कूल/कॉलेज तथा चिड़ियाघर स्टाफ के परामर्श से तैयार की जाएगी।
अन्य समूहों के लिए कार्यक्रम मास्टर प्लान में निर्धारित अनुसार आयोजित किए जाएंगे। ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि वे पशु जो प्रदर्शनी क्षेत्र में नहीं हैं, उन्हें भी आगंतुक CCTV कैमरों के माध्यम से देख सकें, जिसमें कैमरे पशुओं की ओर लगाए जाएंगे और उनकी स्क्रीन आगंतुकों की ओर प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही, गर्मियों के दौरान ठंडक बनाए रखने हेतु एयर कूलर की व्यवस्था भी की जाएगी।